सौभाग्य सुंदरी व्रत 2022 -

मार्गशीर्ष माह की कृष्णपक्ष की तृतीया तिथि के दिन सौभाग्य सुंदरी व्रत एवं पूजन किया जाता हैं.. इस दिन सम्पूर्ण परिवार शिव परिवार की पूजा करता है.. सौभाग्य सुंदरी व्रत का पालन अविवाहित लड़कियां और सुहागिन स्त्रियां दोनों करती हैं.. इस व्रत के द्वारा वो देवी पार्वती से अखंड सुहाग और योग्य संतान की कामना करती हैं..

 

सौभाग्य सुंदरी व्रत तिथि

वर्ष 2022 में सौभाग्य सुंदरी व्रत एवं पूजन 11 नवंबर 2022, दिन शुक्रवार को किया जाएगा

 

सौभाग्य सुंदरी व्रत का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सौभाग्य सुंदरी व्रत एवं पूजन करने से सौभाग्यवती स्त्री को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है.. इस दिन भगवान गणेश, देवी पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय का पूजन किया जाता है.. यह व्रत पति और संतान के लिए किया जाता हैं.. इस दिन स्त्रियां सोलह श्रृंगार करती हैं और अपने पति की लंबी आयु के लिए देवी पार्वती से प्रार्थना करती है..

 

सौभाग्य सुंदरी व्रत करने का फल

  • सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं, उनके पति की आयु लंबी होती है.
  • अविवाहित लड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता हैं.
  • उत्तम और योग्य संतान की प्राप्ति होती हैं
  • संतान सुरक्षित रहती हैं
  • दाम्पत्य सुख में वृद्धि होती हैं
  • पारिवारिक कलह समाप्त होता हैं
  • पति-पत्नी में प्रेम बढ़ता है
  • जन्मपत्री में यदि मांगलिक दोष हो तो इस व्रत के पालन से उसकी शांति होती है
  • धन – समृद्धि में वृद्धि होती हैं
  • विवाह में आने वाली अड़चने स्वत: दूर हो जाती हैं
  • यदि किसी स्त्री की कुंडली में विवाह से जुड़ा कोई अशुभ योग हो जैसे – वैवाहिक सुख का अभाव या विवाह विच्छेद या अलगाव, तो उसे इस व्रत का विधि-विधान से पालन करना चाहिए.. इस व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन से जुड़े सभी अशुभ योगों का निवारण हो सकता हैं.